जानी हम राजकुमार हैं!

अपने डायलॉग्स को लेकर बेहद चर्चित महान अभिनेता राजकुमार का आज ही के दिन 25 साल पहले निधन हो गया था।

अपने अंदाज ए बयां के लिए प्रसिद्ध राजकुमार का एक एक डायलॉग आज भी लोगो के जुबां पर है।

इंस्पेक्टर से एक्टर तक का सफर :

मुंबई में इंस्पेक्टर की नौकरी छोड़ राजकुमार ने बॉलीवुड को चुना। शुरूआती दौड़ की अनेक असफल फिल्मों में काम करने के बाद राजकुमार को महबूब खान की मदर इंडिया में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म ने राजकुमार को पहचान दिलवायी और फिर इन्होंने अपनी बेजोड़ संवाद शैली से बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनायी। पैगाम, राजतिलक, नीलकमल, सौदागर, तिरंगा जैसी अनेक हिट फिल्में उनके नाम है।

मनमौजी राजकुमार : डायरेक्टर की शक्ल पसंद नहीं थी इसलिए जंजीर फिल्म छोड़ दी।

प्रकाश मेहरा जंजीर में राजकुमार को लेना चाहते थे लेकिन राजकुमार ने यह कहकर फिल्म ठुकरा दी कि उन्हें डायरेक्टर की शक्ल पसंद नहीं। बाद में इसी फिल्म ने अमिताभ बच्चन को बॉलीवुड में स्थापित किया।

एक बार रामानंद सागर ने उन्हें अपनी फिल्म की कहानी सुनाई । बाद में राजकुमार ने यह कहकर फिल्म करने से मना कर दिया कि ये कहानी उनके कुत्ते को पसंद नहीं आयी। बाद में यही फिल्म धर्मेन्द्र ने की और फिल्म हिट रही।

अपने बेबाक अंदाज और अपने मिजाज को लेकर चर्चित राजकुमार के अनेक किस्से आज भी चर्चित हैं।

बॉलीवुड के सबसे बड़े डायलोगबाज राजकुमार को बेजोड़ की ओर से श्रद्धांजलि ।।