Happy BirthDay Amit Shah : अमित शाह और नरेंद्र मोदी की जोड़ी !!

Happy BirthDay Amit Shah

अमित शाह एक महान रणनीतिकार के रूप में खुद को स्थापित कर चुके हैं। अपनी पार्टी बीजेपी को उन्होंने नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर जिस मुकाम तक पहुंचाया है वो बेजोड़ है। बीजेपी के कार्यकर्त्ता उन्हें अपनी पार्टी का आधुनिक लौह पुरुष भी मानते हैं। 2014 से पहले अमित शाह का नाम राष्ट्रीय स्तर पर बहुत काम लोग जानते थे लेकिन 2014 के बाद जिस तरह बैक टू बैक बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता हासिल की है उसमे अमित शाह को ही मुख्य रणनीतिकार माना गया है। आज बीजेपी चंद राज्यों की ही पार्टी नहीं बल्कि देश के अधिकांश हिस्सों में सत्ता पर काबिज है। और देश में भगवा के इस प्रसार का श्रेय निस्संदेह अमित शाह के रणनीति कौशल को भी जाता है।

शाह और मोदी की जोड़ी :

Amit Shah and Narendra Modi

अमित शाह और नरेंद्र मोदी की जोड़ी राजनीती की जय वीरू की जोड़ी मानी जाती है।
अमित शाह और नरेंद्र मोदी की दोस्ती 80 के दसक से ही है। जब संघ प्रचारक के रूप में दोनों कार्य करते थे। 1982 में वो पहली बार नरेंद्र मोदी से मिले और 1983 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से जुड़ गए। फिर 1987 में अमित शाह बीजेपी में जुड़ गए। जब गांधीनगर में 1991 में लाल कृष्ण आडवाणी ने चुनाव लड़ने की ठानी तो अमित शाह को उनके कैंपेन मैनेजमेंट का जिम्मा मिला। ये तब तक सबसे बड़ा राजनैतिक जिम्मा था जो अमित शाह को मिला था।

इसी क्रम में नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात होती रही और उनकी दोस्ती मजबूत होती गयी। साल 1995 में अमित शाह ओर नरेंद्र मोदी की जोड़ी ने पहली बार बीजेपी को गुजरात के विधानसभा में जीत दिलवाई थी और केशुभाई पटेल के मुख्यमंत्री बने थे। 1997 में जब सरखेज विधानसभा से अमित शाह ने पहिल बार चुनाव लड़ा था तब नरेंद्र मोदी ने उनके लिए जैम के कैंपेनिंग की थी। बाद में 2002 में जब नरेंद्र मोदी की सर्कार गुजरात में थी तब पहली बार अमित शाह को मंत्री मंडल में शामिल किया गे और इतना ही नहीं उन्हें एक साथ १२ मंत्रालय का भर दे दिया गया। अमित शाह को गुजरात का गृह मंत्री का पदभार भी मिला था। सोहराब्बुद्दीन फर्जी एनकाउंटर केस में उन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार भी किया। कुछ महीने जेल में रहने के बाद अमित शाह रिहा हुए। बाद में कोर्ट ने उन्हें गुजरात से दरबदर का आदेश दिया और अमित शाह दिल्ली आ गए। इसी बीच अमित शाह और नरेंद्र मोदी की दोस्ती बिल्कुल पक्की हो चुकी थी।

उसके बाद 2014 और 2019 का लोकसभा चुनाव, बीजेपी का राष्ट्रीय स्तर पर अभूतपूर्व विस्तार , बीजेपी की प्रचंड बहुमत, राज्यों में जबरदस्त पॉलिटकल मैनेजमेंट इन सबमे अमित शाह के योगदान को तो पूरा देश ने देखा है।
आप को जान कर हैरानी होगी की 1989 से 2014 के बीच शाह गुजरात राज्य विधानसभा और विभिन्न स्थानीय निकायों के लिए 42 छोटे-बड़े चुनाव लड़े, लेकिन वे एक भी चुनाव में पराजित नहीं हुये।

देश के गृह मंत्री अमित शाह


2019 में जब नरेंद्र मोदी एक बार फिर से प्रचंड बहुमत केसाथ भारत के प्रधानमंत्री बने तब अमित शाह पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए और सबसे बड़ा मंत्रालय गृह विभाग उन्हें दिया गया।
गृह मंत्री रहते हुए जम्मू कश्मीर से धरा 370 हटाने का जो साहसिक निर्णय उन्होंने लिया है वो ना सिर्फ काबिले तारीफ़ है बल्कि ऐतिहासिक और हिम्मत वाला फैसला भी है।


अमित शाह को उनके जन्मदिन पर बेजोड़ इन्फो की टीम की तरफ से हार्दिक शुभकामना !!